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लेख तथा कविता

         कविता हम अहाँके मानके खातिर,लडैत रहब सम्मानके खातिर,मधेश मधेशी नाम के खातिर,हमर आहाँ स्वभीमान के खातिर,बीर सहिद बलीदान के खातिर,बजैत रहब अध..


हमर जन्मभूमि

कविता भूवन भूवन भटकु नै, जन्मल छी कोन ठाम ।रुप रङग निखरल अछि, याद करु ओ गाम ।जन जन आ मन मन मे,हमर जन्म भूमि ।जनमल छि जै ठाम,ओहे माटी चुमी । ..


दाँत पिजवने महावीर सेना

      लेखक ः भोला यादब दाँत पिजवने महावीर सेना,खन्जर बोक्ने छै श्री राम....२धर्मक डंका वाइज गेलै आव,हम नै वाँचब यौ भगवान । धर्मक डंका ..


कठोर काया

      कविता ः लेखक ः भोला यादब किए पढैछी पोथी पुराण,किए करैछी रामक ध्याण,इष्ट मित्र भाइ माई कहे वैरी,वैर करैछी हम हमर पहचान,झुठ कपट स..


जीवनके मेला

           कविता लेखक ः भोला यादब भौतिक वाद जीवनके मेला,फेरब हम अधम चोला ।लाख जतन केली अई तनसँ,फेरब हम अधम चोला ।।           &nb..


सदगुरु, समाजवाद र प्रचण्ड

एउटा प्रसंगमा नेपाल कम्युनिष्ट पार्टिका अध्यक्ष तथा वर्तमान सरकारका प्रधानमन्त्री पुष्पमकमल दाहालले खाली समयमा वहाले गर्ने बिभि..


दुग्धमति नदिको उदगम स्थलमा भव्य मेला !

प्रफुल्ल राज घिमिरे , जनकपुरधामजनकपुरधाम, माघ २६ गते । दुधमति नदीमा श्रीपञ्चमी कै दिन बलि,धार्मिक नदीको पौराणिकता जोगाउन सरोकारवाल..


आसन ग्रहण; पुँजि, पद र प्रोटोकल

कविराज सुवेदीवागमती ४, सर्लाही सार्वजनिक कार्यक्रमका बिभिन्न खण्डमध्ये केहीलाई रोमाञ्चमक लाग्ने र धेरैलाई पट्यार लाग्ने खण्ड हो ..


हिन्दी कबिता

“अकिदा और हम“अकायदों के घरोंदे बिखर रहे हैं ,सडकों पे इधर उधर जहाँ तहाँ बिखर रहे हैं मुझको अंदेशा है –––बादशाहों की कोई दुसरी ..


हाम्रा बाउ पुर्खाले कालोपत्रे हिन्न पाएको भए भबिष्यहरु ..

राम पुकार, सिरहासिरहा, बैशाख २ गते । आज हामी रोडमा हिँडेका छौ । कालो पत्रे सडकमा पैदल देखि बाइक चार चक्के गाडी हिँडेका देख्छौं । आधुनि..